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हाथरस केसः गांव में पसरा सन्नाटा..महीने भर बाद क्या है पीड़िता के गांव का हाल

हाथरस केसः गांव में पसरा सन्नाटा..महीने भर बाद क्या है पीड़िता के गांव का हाल

हाथरस केस को एक महीने से ज्यादा का वक्त हो गया। मामले में सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है। इस बीच पीड़िता का गांव अब ज्यादा चुप हो गया है। ग्रामीण सख्त निगरानी में हैं और कोई भी कुछ बोलने से कतरा रहा है। उत्तर प्रदेश के हाथरस में दलित युवती के साथ गैंगरेप के बाद उसकी हत्या किए जाने के मामले को लेकर कई दिनों तक खूब हंगामा हुआ था। मीडिया से लेकर पुलिस अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की एक भीड़ पीड़िता के गांव पहुंचने लगी थी। घटना को एक महीने हो गए हैं और अब वह गांव, जहां पीड़िता रहती थी, एक अजीब से सन्नाटे में तब्दील हो चुका है। गांव पर निगरानी बढ़ा दी गई है और गांव वाले भी मामले में अब चुप्पी साधे रहने के मूड में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता के घर की निगरानी को और ज्यादा बढ़ा दिया गया है। उसके घर तक जाने वाले रास्ते पर सबसे ज्यादा निगरानी रखी जा रही है। गांव में तीन स्तरों पर चेकिंग की व्यवस्था की गई है। गांव में घुसते ही पुलिसकर्मियों की तैनाती दिखेगी, जो यहां आने वाले लोगों की ठीक से चेकिंग करते हैं। पीड़िता के घर के बाहर मेटल डिटेक्टर अभी भी लगा हुआ है। सबकुछ सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में है। पीड़िता के घर के बाहर पुलिसवाले तैनात हैं, जो परिवार से मिलने आने-जाने वाले लोगों का विवरण दर्ज करते हैं। जब कोई मीडियाकर्मी परिवार से बात करता है तो स्थानीय इंटेलिजेंस यूनिट का एक अधिकारी बातचीत की वीडियो रिकॉर्डिंग करता है। अधिकारी बताते हैं कि उन्हें पीड़िता के परिवार का हर बयान रिकॉर्ड करना होता है। यह केवल उनकी सुरक्षा के लिए है। अधिकारी ने बताया कि इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि कोई पीड़िता के परिवार को गुमराह न करे। अगर वे (परिवार के लोग) मना करेंगे तो उनकी बातचीत को नहीं रिकॉर्ड किए जाएगी। परिवार के लोग गिने-चुने बार ही घर से बाहर आते हैं। मीडिया से बातचीत करने के बाद वे घर में वापस चले जाते हैं। परिवार से पूछे जाने वाले सवाल भी ज्यादातर सेम ही होते हैं और उनके जवाब भी वही जो मीडिया में पहले से ही मौजूद हैं। महिलाएं अपनी दैनिक कामों के लिए या फिर पशुओं को चारा खिलाने के लिए बाहर आती हैं। इसके बाद घर का दरवाजा बंद कर लिया जाता है।गांव के लोग भी चुप्पी के मूड में गांव के लोग भी अब इस मामले पर खामोश रहना चाहते हैं।

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piyushsharma43043@gmail.com

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