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धनबल -बाहुबल के साथ ब्राह्मण सभा पर कब्जा करना चाहती है ब्राह्मण आर्मी |

सिरसा ( रा.न्यूज़)|   कल हुई ब्राह्मण आर्मी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में ब्राह्मण सभा के प्रधान श्री आरके भारद्वाज के निर्वाचन पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए श्री योगेश शर्मा ने बताया कि श्री सुशील शर्मा अपनी प्रधान बनने की महत्वाकांक्षा को पूर्ण करने के लिए हर हथकंडा अपना रहे हैं जिसे समाज में भ्रांति तथा फूट पैदा हो रही है योगेश शर्मा ने बताया 12 से 17 तारीख तक श्री आरती शर्मा द्वारा ब्राह्मण सभा के प्रधान पद हेतु आवेदन मांगे गए थे इसी दौरान एक सहमति कमेटी का गठन भी उन्होंने किया जो प्रधान पद के उम्मीदवारों में सहमति बनाने का प्रयास करेगी इस अवधि में 20 आवेदन प्रधान पद हेतु प्राप्त हुए। इसी दौरान ब्राह्मण सभा के पूर्व प्रधान एवं ब्राह्मणों के सिरमोर राधेश्याम शर्मा ने व्यक्तिगत रुचि लेकर सहमति बनाने के लिए श्री आरके भारद्वाज श्री सुशील शर्मा श्री प्रमोद गौतम ,श्री अर्जुन शर्मा श्री कमल शर्मा तथा मुझे( योगेश शर्मा) को भी बुलाया। परंतु कमल शर्मा जी अपनी व्यक्तिगत व्यवस्थाओं के कारण इस मीटिंग में नहीं पहुंचे तथा प्रधान पद में रुचि नही दिखाई। चर्चा के दौरान श्री प्रमोद गौतम द्वारा भी अपनी परिवारिक व्यवस्थाओं के कारण प्रधान पद हेतु रुचि नहीं दिखाई  ।जब डॉ राधेश्याम जी द्वारा श्री आरके भारद्वाज का नाम प्रधान पद हेतु रखा तो सुशील शर्मा ने तुरंत अपना नाम आगे कर दिया और स्पष्ट किया कि और कोई नाम उन्हें मंजूर नहीं है तथा मीटिंग से उठ कर चले गए।  30 तारीख को एडहॉक कमेटी के अध्यक्ष श्री राकेश वत्स द्वारा प्रधान चयन हेतु मीटिंग बुलाई गई जिस में उपस्थित 19 आवेदकों से बात कर पुनः सहमति पर चर्चा करने हेतु सहमति कमेटी के साथ बुलाने का आश्वासन  दिया। उन्होंने सहमति कमेटी के सदस्यों को बुलाया। गत 15 दिनों में सहमति समिति के सदस्यों को विभिन्न माध्यमों से प्रभाव में ले चुके ब्राह्मण आर्मी के लोगों ने हो हल्ला कर सुशील शर्मा के नाम की घोषणा का प्रयास किया डॉ राधेश्याम जी, पंडित सीताराम जी ने अन्य नामों पर चर्चा करने का प्रयास किया  तो उन्हें अनसुना कर दिया गया अंत में श्री राकेश वत्स ने घोषणा की कि वे प्रधान पद के चयनित नाम की घोषणा कल करेंगे। जब सभी आवेदकों को इस घटनाक्रम की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत लिखित विरोध दर्ज करवाया। जिस पर राकेश जी ने 31 अक्टूबर को मीटिंग बुलाई ।जिसका सुशील शर्मा संस्थापक ब्राह्मण आर्मी ने बाय काट कर दिया। मीटिंग में 20 आवेदकों में से 15 सदस्यों ने श्री आरके भारद्वाज पर अपनी सहमति व्यक्त की तथा सहमति कमेंटी के 5 सदस्यों ने भी उन पर अपनी सहमति व्यक्त कर दी इस पर ब्राह्मण आर्मी के सदस्य उठ कर चले गए ब्राह्मण आर्मी के पदाधिकारियों द्वारा गीता भवन परिसर में ब्राह्मण सभा मुर्दाबाद जूते मारो सालों को जैसे अभद्र भाषा का प्रयोग कर नारे लगाए गए तथा माहौल खराब करने का प्रयास किया गया सभी सदस्यों ने श्री आरके भारद्वाज को समर्थन का पत्र श्री राकेश वत्स को लिखित में विधिवत सौंप कर श्री आरके भारद्वाज को बहुमत के आधर पर प्रधान घोषित कर दिया । ब्राह्मण आर्मी द्वारा किए जा रहा अंगरल प्रचार तथा विभिन्न प्रकार की धमकियां समाज का माहौल खराब करने का प्रयास मात्र है ब्राह्मण सभा के गत 100 सालों के इतिहास में समाज के वरिष्ठ विप्र जनों द्वारा ब्राह्मण सभा के प्रधान का नाम चयन किया जाता रहा है निवर्तमान प्रधान आरपी शर्मा जी को भी वेद्य श्री श्रीनिवास जी द्वारा  दो बार  मनोनीत किया गया था तथा सारे समाज ने उनके निर्णय को शिरोधार्य  किया। गौरतलब है कि ब्राह्मण आर्मी ट्रस्ट रजिस्टर्ड का गठन अभी 5 माह पहले ही हुआ है जो  की ब्राह्मण सभा के प्रधान आर पी शर्मा एवम ब्राह्मण सभा के विरोध में गठित एक संगठन है ट्रस्ट के गठन के समय भी समाज के प्रबुद्ध लोगों द्वारा ब्राह्मण आर्मी के कर्ता-धर्ता तथा संस्थापक सुशील शर्मा तथा साथियों को बहुत समझाने का प्रयास किया गया परंतु उन्होंने एक न सुनी और अलग परशुराम जयंती मनाई तथा भगवान परशुराम चौक के उद्घाटन समारोह का भी बाय काट किया ।इससे स्पष्ट होता है कि की ब्राह्मण आर्मी के लोगों द्वारा अपनी महत्वाकांक्षा को पूर्ण करने के लिए माहौल को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है जिसकी सारा ब्राह्मण समाज घोर निंदा करता है।इस अवसर पर पण्डित सीताराम जी, डॉ राधेश्याम शर्मा,प्रमोद मोहन गौतम, बजरंग पारीक ,बसंत पारीक,श्रवण कानुनगो, अशोक उपाध्याय, कन्हैया शर्मा, धर्मेंद्र कौशिक,मनोज मोजी, हरिओम भारद्वाज,ललित शर्मा, राजकुमार पिपरवा, लक्ष्मी कांत जी,विजय शर्मा, बलबीर शर्मा,विनोद दत्त, नरेन्द्र शर्मा, रामधारी भारद्वाज, रणधीर दाधिच, सुभाष शर्मा आदि विप्र बंधु उपस्थित रहे।

कल हुई ब्राह्मण आर्मी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में ब्राह्मण सभा के प्रधान श्री आरके भारद्वाज के निर्वाचन पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए श्री योगेश शर्मा ने बताया कि श्री सुशील शर्मा अपनी प्रधान बनने की महत्वाकांक्षा को पूर्ण करने के लिए हर हथकंडा अपना रहे हैं जिसे समाज में भ्रांति तथा फूट पैदा हो रही है योगेश शर्मा ने बताया 12 से 17 तारीख तक श्री आरती शर्मा द्वारा ब्राह्मण सभा के प्रधान पद हेतु आवेदन मांगे गए थे इसी दौरान एक सहमति कमेटी का गठन भी उन्होंने किया जो प्रधान पद के उम्मीदवारों में सहमति बनाने का प्रयास करेगी इस अवधि में 20 आवेदन प्रधान पद हेतु प्राप्त हुए। इसी दौरान ब्राह्मण सभा के पूर्व प्रधान एवं ब्राह्मणों के सिरमोर राधेश्याम शर्मा ने व्यक्तिगत रुचि लेकर सहमति बनाने के लिए श्री आरके भारद्वाज श्री सुशील शर्मा श्री प्रमोद गौतम ,श्री अर्जुन शर्मा श्री कमल शर्मा तथा मुझे( योगेश शर्मा) को भी बुलाया। परंतु कमल शर्मा जी अपनी व्यक्तिगत व्यवस्थाओं के कारण इस मीटिंग में नहीं पहुंचे तथा प्रधान पद में रुचि नही दिखाई। चर्चा के दौरान श्री प्रमोद गौतम द्वारा भी अपनी परिवारिक व्यवस्थाओं के कारण प्रधान पद हेतु रुचि नहीं दिखाई  ।जब डॉ राधेश्याम जी द्वारा श्री आरके भारद्वाज का नाम प्रधान पद हेतु रखा तो सुशील शर्मा ने तुरंत अपना नाम आगे कर दिया और स्पष्ट किया कि और कोई नाम उन्हें मंजूर नहीं है तथा मीटिंग से उठ कर चले गए।  30 तारीख को एडहॉक कमेटी के अध्यक्ष श्री राकेश वत्स द्वारा प्रधान चयन हेतु मीटिंग बुलाई गई जिस में उपस्थित 19 आवेदकों से बात कर पुनः सहमति पर चर्चा करने हेतु सहमति कमेटी के साथ बुलाने का आश्वासन  दिया। उन्होंने सहमति कमेटी के सदस्यों को बुलाया। गत 15 दिनों में सहमति समिति के सदस्यों को विभिन्न माध्यमों से प्रभाव में ले चुके ब्राह्मण आर्मी के लोगों ने हो हल्ला कर सुशील शर्मा के नाम की घोषणा का प्रयास किया डॉ राधेश्याम जी, पंडित सीताराम जी ने अन्य नामों पर चर्चा करने का प्रयास किया  तो उन्हें अनसुना कर दिया गया अंत में श्री राकेश वत्स ने घोषणा की कि वे प्रधान पद के चयनित नाम की घोषणा कल करेंगे। जब सभी आवेदकों को इस घटनाक्रम की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत लिखित विरोध दर्ज करवाया। जिस पर राकेश जी ने 31 अक्टूबर को मीटिंग बुलाई ।जिसका सुशील शर्मा संस्थापक ब्राह्मण आर्मी ने बाय काट कर दिया। मीटिंग में 20 आवेदकों में से 15 सदस्यों ने श्री आरके भारद्वाज पर अपनी सहमति व्यक्त की तथा सहमति कमेंटी के 5 सदस्यों ने भी उन पर अपनी सहमति व्यक्त कर दी इस पर ब्राह्मण आर्मी के सदस्य उठ कर चले गए ब्राह्मण आर्मी के पदाधिकारियों द्वारा गीता भवन परिसर में ब्राह्मण सभा मुर्दाबाद जूते मारो सालों को जैसे अभद्र भाषा का प्रयोग कर नारे लगाए गए तथा माहौल खराब करने का प्रयास किया गया सभी सदस्यों ने श्री आरके भारद्वाज को समर्थन का पत्र श्री राकेश वत्स को लिखित में विधिवत सौंप कर श्री आरके भारद्वाज को बहुमत के आधर पर प्रधान घोषित कर दिया । ब्राह्मण आर्मी द्वारा किए जा रहा अंगरल प्रचार तथा विभिन्न प्रकार की धमकियां समाज का माहौल खराब करने का प्रयास मात्र है ब्राह्मण सभा के गत 100 सालों के इतिहास में समाज के वरिष्ठ विप्र जनों द्वारा ब्राह्मण सभा के प्रधान का नाम चयन किया जाता रहा है निवर्तमान प्रधान आरपी शर्मा जी को भी वेद्य श्री श्रीनिवास जी द्वारा  दो बार  मनोनीत किया गया था तथा सारे समाज ने उनके निर्णय को शिरोधार्य  किया। गौरतलब है कि ब्राह्मण आर्मी ट्रस्ट रजिस्टर्ड का गठन अभी 5 माह पहले ही हुआ है जो  की ब्राह्मण सभा के प्रधान आर पी शर्मा एवम ब्राह्मण सभा के विरोध में गठित एक संगठन है ट्रस्ट के गठन के समय भी समाज के प्रबुद्ध लोगों द्वारा ब्राह्मण आर्मी के कर्ता-धर्ता तथा संस्थापक सुशील शर्मा तथा साथियों को बहुत समझाने का प्रयास किया गया परंतु उन्होंने एक न सुनी और अलग परशुराम जयंती मनाई तथा भगवान परशुराम चौक के उद्घाटन समारोह का भी बाय काट किया ।इससे स्पष्ट होता है कि की ब्राह्मण आर्मी के लोगों द्वारा अपनी महत्वाकांक्षा को पूर्ण करने के लिए माहौल को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है जिसकी सारा ब्राह्मण समाज घोर निंदा करता है।इस अवसर पर पण्डित सीताराम जी, डॉ राधेश्याम शर्मा,प्रमोद मोहन गौतम, बजरंग पारीक ,बसंत पारीक,श्रवण कानुनगो, अशोक उपाध्याय, कन्हैया शर्मा, धर्मेंद्र कौशिक,मनोज मोजी, हरिओम भारद्वाज,ललित शर्मा, राजकुमार पिपरवा, लक्ष्मी कांत जी,विजय शर्मा, बलबीर शर्मा,विनोद दत्त, नरेन्द्र शर्मा, रामधारी भारद्वाज, रणधीर दाधिच, सुभाष शर्मा आदि विप्र बंधु उपस्थित रहे।

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